अखिल भारतीय असहायिक शिक्षक संघ
शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि समाज का निर्माता होता है।वह अपने ज्ञान और समर्पण से देश के भविष्य का निर्माण करता है।परंतु आज के परिवेश में शिक्षक के स्वयं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, अपना सर्वस्व राष्ट्र निर्माण में न्यौछावर कर देने वाले की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है।
अतः विवश होकर आज अखिल भारतीय असहायिक शिक्षक संघ अपने शिक्षक भाइयों के हित के लिए अपनी आवाज उठा रहा है, हमारा किसी से कोई विरोध नहीं है और न ही हमारी बहुत बड़ी अपेक्षाएं हैं, हम शिक्षक केवल इतना चाहते हैं कि यदि हम राष्ट्र निर्माण में अपनी आहुति दे रहे हैं तो हमारे भी सम्मान और सुरक्षा की व्यवस्था सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाए।












